श्री बृहस्पतिवार की आरती
ॐ जय बृहस्पति देवा ॐ जय बृहस्पति देवा, जय बृहस्पति देवा। छिन-छिन भोग लगाऊं, कदली फल मेवा।। ॐ जय बृहस्पति […]
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ॐ जय बृहस्पति देवा ॐ जय बृहस्पति देवा, जय बृहस्पति देवा। छिन-छिन भोग लगाऊं, कदली फल मेवा।। ॐ जय बृहस्पति […]
ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे। खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे। ॐ जय श्री श्याम
आरती कीजै श्री रघुवर जी की, सतचित आनंद शिव सुंदर की, दशरथ तनय कौशल्या नंदन, सुर, मुनि, रक्षक, दैत्य निकंदन,
आरती कुंजबिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की। गले में बैजन्तीमाला बजावैं मुरलि मधुर बाला॥ श्रवण में कुंडल झलकाता नंद
जय जय तुलसी माता सब जग की सुख दाता, वर दाता जय जय तुलसी माता ।। सब योगों के ऊपर,
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे। भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे॥ जो ध्यावै फल पावै, दुख
सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची। नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची। सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची। कंठी झळके माळ मुक्ताफळांची॥ जय देव जय
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी। सूर्य पुत्र प्रभु छाया महतारी॥ जय जय श्री शनि देव…. श्याम अंग वक्र-दृष्टि चतुर्भुजा
जय सन्तोषी माता, मैया जय सन्तोषी माता। अपने सेवक जन की सुख सम्पति दाता ।। जय सन्तोषी माता…. सुन्दर चीर
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता । तुमको निस दिन सेवत हर-विष्णु-धाता ॥ॐ जय… उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम