श्री लक्ष्मी चालीसा
दोहामातु लक्ष्मी करि कृपा करो हृदय में वास। मनोकामना सिद्ध कर पुरवहु मेरी आस॥ सिंधु सुता विष्णुप्रिये नत शिर बारंबार। […]
दोहामातु लक्ष्मी करि कृपा करो हृदय में वास। मनोकामना सिद्ध कर पुरवहु मेरी आस॥ सिंधु सुता विष्णुप्रिये नत शिर बारंबार। […]
नमो नमो दुर्गे सुख करनी ।नमो नमो अंबे दुःख हरनी ॥ 1 ॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी ।तिहू लोक फैली
।।दोहा।। श्री गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥ जय गिरिजा पति दीन दयाला। सदा
दोहा : श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।। बुद्धिहीन तनु
दोहाजय गणपति सद्गुण सदन कविवर बदन कृपाल।विघ्न हरण मंगल करण जय जय गिरिजालाल॥ ॥ चौपाई ॥जय जय जय गणपति राजू।मंगल
भगवान गणेश हिन्दू धर्म के सबसे पूजनीय देवताओं में से एक हैं। इन्हें बुद्धि, ज्ञान और सफलता के देवता माना